अव्यय क्या है? (अव्यय की परिभाषा) अव्यय की भेद या प्रकार क्या क्या है?

अव्यय क्या है?  (अव्यय की परिभाषा) अव्यय की भेद या प्रकार क्या क्या है?

इस लेख मे हम विस्तार से जानेंगे की हिंदी व्याकरण की अव्यय भाग के बारे मे “अव्यय क्या है और अव्यय की भेद या प्रकार क्या क्या है| जिस शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, पुरुष, काल आदि के कारण कोई विकार उत्पन्न या परिवर्तन नहीं होता, उसे अव्यय या अविकार कहते है | अव्यय शब्द का मूल रूप मे कोई रूपांतर या परिवर्तन नहीं होता, इसीलिए अव्यय का अर्थ है “जो व्यय ना हो” |

 

आपका खोज भी अगर इसी हिंदी व्याकरण के अव्यय क्या है (अव्यय की परिभाषा) और अव्यय के भेद या प्रकार के बारे मे है, तो आप सही लेख पर पहुचे है, लेख की अंत तक पड़े ताकि कोई जानकारी छुट न जाए|

 

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अव्यय क्या है (अव्यय की परिभाषा)? अव्यय के भेद या प्रकार:

जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, पुरुष, काल आदि के कारण वाक्य मे कोई विकार उत्पन्न या परिवर्तन नहीं होता, उसे अव्यय या अविकार कहते है | अव्यय शब्द का मूल रूप मे कोई रूपांतर नहीं होता, इसीलिए अव्यय का अर्थ है “जो व्यय ना हो” |

उदाहरण – इधर, उधर, अब, जब, कव, क्यों, किन्तु, परन्तु, धीरे-धीरे, आना, जाना, क्युकी, यहाँ, वहा, लेकिन, अरे, और, बल्कि, इसीलिए आदि शव्द |

 

अव्यय  के पाच प्रकार या भेद  है |

  1. क्रिया विशेषण अव्यय
  2. संबंधबोधक अव्यय
  3. समुच्चयबोधक अव्यय
  4. विस्मयादिबोधकअव्यय
  5. निपात अव्यय अव्यय

 

1) क्रिया विशेषणअव्यय: जिन अव्यय शब्द से क्रिया की विशेषता का पता चलता है उसे क्रिया विशेषण कहते है |

जैसे की – बंध, धीरे-धीरे, तेज, जल्दी, सुन्दर, कला आदि

 

क्रिय विशेषण की भेद या प्रकार क्या क्या है?

क्रिया विशेषण की चार भेद है

a) कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

b) स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

c) परिमाणवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

d) रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

 

a) कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय :  जिन अव्यय शब्दों से क्रिया की काल या समय का  बोध कराता है उसे कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है |

जैसे की – आज, काल, रात, दिन, सुवह, रातभर, दिनभर, प्रतिदिन आदि शब्द |

उदाहरण –

आकाश सुबह जल्दी उठता है|

रमेश प्रतिदिअख़बार देते है|

राम दिनभर काम करता है|

अश्मित रात को देर से सोते है|

ऊपर के वाक्य मे सुबह, प्रतिदिन, दिनभर, रात ये शब्द किसी काल या क्रिया होने का समय बता रहा है, इसीलिए उन शब्द को कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहते है|

 

b) स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : जिन अव्यय शब्दों से क्रिया की स्थान या दिशा का बोध कराता है उसे स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है |

जैसे की – यहाँ,वहा, इधर, उधर, भीतर, बाहर, अन्दर, ऊपर आदि शब्द |

उदाहरण –

पेड़ के ऊपर चिड़िया है|

रमेश यहाँ नहीं रहता है|

घर के अन्दर कौन है?

बाहर रुको मे आता हु|

ऊपर के वाक्य मे ऊपर, यहाँ, अन्दर, बाहर ये चारो शब्दों ने क्रिया होने का स्थान या जगह की बोध कराया है, इसीलिए उन शब्दों को स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है |

 

c) परिमाणवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : जिन अव्यय शब्दों से क्रिया या कार्य की परिमाण का  बोध कराता है उसे परिणामवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है|

जैसे की- कम, ज्यादा, थोडा, अधिक, बहुत, जरा  आदि |

उदाहरण –

पड़ाई में ज्यादा ध्यान देना |

तुम्हारा मोटापा कम करो |

सभा में बहुत लोग आए थे |

थोडा रुकना मे भी आता हु |

ऊपर के वाक्यांशों मे ज्यादा, कम, बहुत, थोडा शब्दों ने परिणामों का बोध कराया है इन शब्द परिणामवाचक क्रिया विशेषण अव्यय है|

 

d) रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : जिन शब्दों से क्रिया की रीति या ढंग का बोध कराता है, उसे रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहते है| जैसे की – तेज, मधुर, धीरे, ध्यानपूर्वक, शांतिपूर्वक |

उदाहरण –

घोडा तेज दौड़ता है |

आज का कार्यसूचि शांतिपूर्वक से ख़तम हुवा |

ऊपर के वाक्य मे दौड़ता और शांतिपूर्वक ये शब्दों ने क्रिया होने की रीति या ढंग को बयाता है, इसीलिए उन्हें रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहते है|

 

2) संबंधबोधक अव्यय: जिन अव्यय शव्दों से किसी संज्ञा या सर्वनाम के साथ  आकर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्द के साथ बताते है उसे संबंधबोधक अव्यय कहते है | जैसे की – ऊपर, निचे, बाहर, पीछे, आगे, बिना, ओर, पास, बाद

उदहारण –

पैसे के बिना जीवन कुछ नहीं|

बैंक के पास मेरा घर है|

ऊपर के वाक्य मे बिना और पास इन शब्दों ने वाक्य की अन्य शब्द से सम्बन्ध बयाना है , उसे संबंधबोधक अव्यय कहते है |

 

3) समुच्चयबोधक अव्यय: जिन अव्यय  शब्दों द्वारा दो शब्दों या वाक्य  को जोड़ता है उसे समुच्चयबोधक अव्यय कहते है | जैसे की – और, तथा, अथवा, अर्थात, या, परन्तु, किन्तु |

उदाहरण –

मे पड़ रहा था और सीता लिख रही थी|

सभी खेलने चले गए लेकिन मे नहीं गया|

ऊपर के वाक्य मे और, लेकिन शब्दों ने दो वाक्यों को जोड़ने का काम किया, इसीलिए उन शब्दों को समुच्चयबोधक अव्यय कहते है |

 

समुच्चयबोधक अव्यय को दो भागो मे भाग किया है समानाधिकरण और व्याधिकरण

समानाधिकरण : जिन शब्दों द्वारा समान अधिकार के अंशो का जोड़ने का बोध कराता है तो उसे समानाधिकार समुच्चयबोधक अव्यय कहते है|

जैसे की – और, या, अथवा, तथा, परन्तु, इसीलिए आदि शब्द |

उदाहरण – जदू और मधु दोनों स्कूल जाते है|

 

व्याधिकरण: जिन अव्यय शब्दों द्वारा वाक्य की एक मुख्य वाक्य के साथ अन्य उपवाक्य जोड़ते है उन अव्यय शब्द को व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते है| जैसे की – परन्तु, लेकिन, ताकि, इसीलिए, यदि, तथापि, की, क्युकी आदि शब्द |

उदाहरण – मे स्कूल नहीं गया क्युकी जोर से बारिश आ रहा था|

 

4) विस्मयादिबोधकअव्यय: जिन अव्यय शब्दों से हर्ष, विषाद, घृणा, क्रोध, आशीर्वाद, अश्रर्य, उल्लाष आदि भावों को प्रकट करता है उसे विस्मयादिबोधक अव्यय कहते है| जैसे की- हाय भगवान ! वाह, हाय-हाय, शाबाश, खूब, हा-हा, अहा! आदि शब्द |

उदाहरण – वाह तूने तो कमाल कर दिया|

हाय भगवान मेरा अभी क्या होगा |

 

5) निपात अव्यय: जिन अव्यय शब्दों द्वारा किसी शब्द या पद के पीछे लगकर वाक्य मे उसके अर्थ मे विशेष बल लाते है उसे निपात अव्ययकहते है | जैसे की – की, ही, भी, तक, केवल, भर, जी, मात्र, सिर्फ |

उदाहरण – आपके साथ मे भी जाऊंगा |

मे सिर्फ तुम्हे ही जनता हु|

 

हमने क्या क्या सिखा :

  1. अव्यय क्या है (अव्यय किसे कहते है)?

उत्तर: जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, पुरुष, काल आदि के कारण कोई विकार उत्पन्न या परिवर्तन नहीं होता, उसे अव्यय या अविकार कहते है|

 

  1. अव्यय के कितने भेद या प्रकार है?

उत्तर: अव्यय के पाच भेद या प्रकार है|

 

  1. अव्यय के भेद या प्रकार क्या क्या है?

उत्तर: अव्यय के भेद या प्रकार –

a)क्रिया विशेषण

b)

संबंधबोधक

  1. समुच्चयबोधक
  2. विस्मयादिबोधक
  3. निपात अव्यय

 

  1. क्रिय विशेषण की भेद या प्रकार कितने है?

उत्तर: चार भेद या प्रकार है|

 

  1. क्रिय विशेषण की भेद या प्रकार क्या क्या है

उत्तर: क्रिय विशेषण की भेद या प्रकार –

a)कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

b)स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

c)परिमाणवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

d)रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

 

6 . समुच्चयबोधक अव्ययके कितने भेद या प्रकार है?

उत्तर : दो भेद है |

 

  1. समुच्चयबोधक अव्ययके कितने भेद या प्रकार क्या क्या है?

उत्तर: समानाधिकरण और व्याधिकरण

 

Conclusion

हमारी इस लेख को पडके कैसे लगा कमेन्ट करके जरुर बताए| हिंदी व्याकरण की अव्यय क्या है (अव्यय की परिभाषा) और अव्यय की भेद या प्रकार के बारे मे पूरी जानकारी देने की कोशिश किया हु, अगर लेख को लेकर आपकी मनमे कोई संका या सुझाऊ देना चाहते है तो निचे कमेन्ट बॉक्स मे लिख सकते है|

Dhan Lama

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