कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर क्या है? What is computer Hardware and Software in Hindi?

इस लेख के द्वारा हम जानेंगे की कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर क्या है और इसके बिच अंतर क्या है ?  कंप्यूटर system में बिभिन्न कामो को करने के लिए अलग-अलग  यांत्रिक उपकरण या application या programmer की जरुरत होते है| उसी कंप्यूटर के सहायक उपकरणों और application या programmer को मुखय रूप में दो भागो मे भाग किया है – Hardware और software | Hardware बोले तो- Monitor, CPU, keyboard, mouse, printer, speaker आदि और software बोले तो MS Word, MS Excel, power-point, Photoshop आदि|

अगर आपका खोज भी कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर क्या है (what is computer Hardware and software in Hindi) के बारे मे है तो आप सही लेख पर है और लेख के अंत तक बने रहे, ताकि पूरी जानकारी मिल पाए|

 

कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर क्या है?

कंप्यूटर के नाम सुनते ही हमारे मन में मोनिटर, माउस, कीबोर्ड, CPU, MS word, MS Excel, PowerPoint आदिके बाते याद आ जाते है | ये सभी कंप्यूटर के parts और प्रोग्राम है, जिसके बिना कंप्यूटर अधुरा है और एक दुसरे से जुड़े रहते है ताकि अलग-अलग कामो को अलग-अलग उपकरण या प्रोग्राम के सहायता से आसानी से कर सके | जिसे हम देख और छू सकते है उसे Hardware और जिसे छू नहीं सकते लेकिन देख सकते या महसूस कर सकते है, उसे Software के नाम से जानते है|

 

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कंप्यूटर के  हार्डवेयर क्या है ? (What is Computer Hardware?)

Computer के हार्डवेयर बोले तो, हम समझ सकते है की computer के वो  भाग है जिनका भौतिक रूप होता है, जिसे हम देख और छु सकते है उसे कंप्यूटर के हार्डवेयर कहते है|

Example: Monitor, Mouse, Printer, CPU, Keyboard, scanner आदि के अलावा भी और भी बहुत सारे computer Hardware है|

Computer Hardware को चार भागो में बाटा गया है

  • इनपुट डिवाइस (Input Device): उदहारण- keyboard, mouse, Joystick, Scanner, Web Camera, Digital Camera, Microphone, Barcode Reader, Magnetic Ink card Reader (MICR),Optical Mark Reader (OCR), Optical Character Reader (OCR), Digitizer आदि
  • आउटपुट डिवाइस (Output Device): उदहारण -Monitors, Printers, Plotter, Projector, Speaker, Headphone आदि|
  • प्रोसेसिंग डिवाइस (Processing Device): उदहारण – CPU
  • स्टोरेज डिवाइस (Storage Device): उदहारण – RAM, ROM, Magnetic Tap, Floppy Disk, Optical Disk  HDD (Hard Disk Drive), USB Flash Drive आदि |

 

1.इनपुट डिवाइस (Input Device)

Keyboard: कीबोर्ड एक प्राथमिक input और हार्डवेयर device है | जिसे raw data को टाइपिंग करके input करना और निर्देष (command) करने के लिए व्यबहार होते है| यह सबसे ज्यादा व्यबहार होने वाले इनपुट उपकरणों में से एक है| इसे “कुंजीपटल” भी बोलते है| कंप्यूटर में जितना भी लिखने वाले कम जैसे data entry करना, email लिखना, Bill payment, online shopping, online transfer आदि कम keyboard के द्वारा ही करते है| Keyboard में भी कई प्रकार के key होते है, जैसे – Alphabet, Number, Symbol, Functional, Arrows, Special purpose आदि keys मोजूद रहते है| अलग – अलग कामो के लिए अलग – अलग keys की व्यबहार होते है|

 

Mouse: माउस कंप्यूटर के अति आबस्यक input device है| इसे Pointing Device भी कहते है | इसके ब्याबहार से computer के स्क्रीन के pointer या carsol को control करता है| इस pointer के जरिए computer के अन्दर Files, Folders और दुसरे सभी आप्शन को खोलने, बंद करने, एक जगह से दुसरे जगह ले जाने, उनके जानकारी लेने में इसे इस्तेमाल करते है| Mouse के दो button होते है जिसे right और left button कहते और एक wheel भी होते है| यह भी एक हार्डवेयर डिवाइस है|

 

Joystick : यह भी माउस की तरह काम करते है, इसे भी Pointing device कहते है| यह ज्यादा तर Game खेलने के लिए ब्याबहार करते है| Joystick एक हार्डवेयर डिवाइस है|

Scanner: स्कैनर भी computer के input हार्डवेयर device है | यह एक Photocopy मशीन है, इसके द्वारा hard photocopy या image और paper को digital में convert करके computer के   disk में storage करते है|

 

Web Camera:यह भी एक इनपुट डिवाइस है, web कैमरा के द्वारा image को capture करके अपनी कंप्यूटर या laptop में image को इनपुट कर सकते है| यह wired के जरिए और Bluetooth के जिरए CPU से connect रहते है|

 

Digital Camera: इसे भी input device कहते है| Digital कैमरा के द्वारा भी image और Video captured करके digital format में stored करके अपनी कंप्यूटर या laptop में ढाल दकते या इनपुट कर सकते है|

 

Microphone: माइक्रोफोन computer के input device है, इसे हमारे sound या voice को digitally  computer के hard disk में storage कर सकते है | इसे कोई multimedia presentation  में voiceover और कोई music mixture भी कर सकते है|

 

Barcode Reader:बारकोड रीडर के द्वारा Barcode image को scan करके alphanumeric में convert करता है और इसे computer के hard disk में storage करता है|

 

Magnetic Ink card Reader (MICR): यह ज्यादा तर बैंक में ब्याबहार करते है, इसे cheque को जल्दी से read कर सकते है क्युकि cheque में एक बिसेस तरह के magnetic ink ब्याबहार होते है, इससे जल्दी read करने में हेल्प होते है |

 

Optical Mark Reader (OCR): OCR एक  optical scanner है| यह pen या pencil से marked किया हुवा read करता है| इसे ज्यातातर multiple choice questions के answer sheet के लिए use करते है|

 

Optical Character Reader (OCR): OCR एक प्रकार के scanner है, यह printed text को optically read करता है और इसे hard disk में storage करता है |

 

Digitizer: इसे Tablet या Graphics Tablet कहते है| इसके द्वारा analong information को digital form करते है | यह Television या Camera का signal को convert करतके digitally number of series करके storage करते है|

 

2.आउटपुट डिवाइस (Output Device)

Monitors (मोनिटर): मोनिटर कंप्यूटर के मुखय output हार्डवेयर device है| जिसके बिना हम computer सोच भी नहीं सकते, साधारण भाषा में इसे Visual display unit (VDU) भी कहते है| यह एक Television(TV) की तरह होते और cable के द्वारा CPU के साथ connect रहता है| इसका मुखय काम है CPU के under चल रहे प्रक्रियाओ (processes) को softcopy के रूप मे display में दिखाना| जैसे की किसी files, Folders, Apps, image, video आदि को हम open करके display में देख सकते है, अगर monitor नहीं होता तो CPU के अंदर क्या चल रहा होता और हमें इनपुट किया गया data या इनफार्मेशन को हम देख नहीं सकते और edit या design भी नहीं कर पाते| Monitor के आधार पर ही हम कंप्यूटर में काम कर पाते है मतलब हम जो भी काम हम देखते-देखते कर सकते है और गलत या सही भी जाच करके सही काम को अंजाम दे सकते है|

Monitor भी अलग-अलग प्रकार होते है मुखय रूप से यह तिन प्रकार के है – CRT (Cathode Ray Tube) monitor, LCD (Liquid Crystal display) & LED (Light Emitting Diode).

 

Printer (प्रिंटर) : Printer भी एक अति अवश्यक output हार्डवेयर device है| जिसके द्वारा कंप्यूटर के डिजिटल सूचना को कागज पर छापता है, ये कंप्यूटर के softcopy को प्रिंट करके hardcopy में परिबर्तित कर देते है| Printer दो प्रकार के होते है- Impact printer और Non-Impact printer.

Impact Printers: यह प्रिंटर रिबन के द्वारा कागज पर टाइपिंग करके छापते है| इस प्रिंटर प्रिंटिंग के समय sound ज्यादा आते है और समय भी ज्यादा लगते है| इसे bulk में एक साथ ज्यादा प्रिंट करने से कीमत कम लगते है| इसे भी दो भागो मे बाटा है जैसे – Character printer और Line printer

Non-Impact Printers: इसमें प्रिंट के लिए impact printer की तरह रिबन की जरुरत नहीं होते और इसमें एक ही समय में एक page प्रिंट कर सकते है| इसमें graphics प्रिंटिंग भी होते है, इसकी प्रिंटिंग quality बहुत अच्छे होते है और इसका sound भी कम निकलते है, इसीलिए इसका व्यबहार भी ज्यादा होते है|

इसको मुखय दो भागो मे भाग किया है जैसे –

  • Laser Printer
  • Inkjet Printer

 

Plotter: Plotter एक output हार्डवेयर device है इससे बिभिन्न color के चित्र(Drawing), chart या Graphics, Map आदि प्रिंट करने के लिए व्यबहार करते है| इसके द्वारा ही बड़े-बड़े hoarding banner, building design का प्रिंट करते है| Plotter graphics image के लिए multi color के pen, pencil, marker व्यबहार होते है| Plotter में vector graphics को इस्तेमाल करके प्रिंट करते है, इसीलिए plotter का प्रिंट किया image जितना zoom करने पर भी नहीं फटते| सन 1953 में Remington-Rand ने Plotter hardware output device की अविष्कार किया था|

 

Projector: Projector एक भी एक output हार्डवेयर device है, यह कंप्यूटर के screen को बड़े आकार में दिखने के लिए व्यबहार करते है| प्रोजेक्टर कंप्यूटर से जुड़े जाते है और इसके लेंस के द्वारा कंप्यूटर screen को बड़े परदे या दिवार में प्रोजेक्ट कर सकते है ताकि इसे ज्यादा लोग एक साथ देख सकते है| ज्यादा तर इसे presentation करने के लिहे use करते है|

 

Speaker: Speaker यह भी एक आउटपुट डिवाइस है, इसके द्वारा कंप्यूटर के audio या sound सुन सकते है या sound बहार निकल सकते है| Speaker के द्वारा किसी video या audio का voice को सुन सकते है| इसके लिए कंप्यूटर के motherboard में sound-card लगे रहते है, इसी sound-card से ही स्पीकर में ऑडियो उतपन्न कर सकते है|

Speaker दो प्रकार के होते है internal और External speaker| कम sound में सुनना है तो internal speaker से ही सुन सकते है- जैसे की कंप्यूटर को कोई extra स्पीकर लगाने की जरुरत नहीं होती कंप्यूटर के motherboard में ही sound-card लगे रहते है| अगर आपको sound loudly सुनना है या ज्यादा आदमी के सामने presentation करना है तो external speaker की जरूरत होते है|

 

Headphone: Headphone को लोग Earphone भी बोलते है, यह एक output hardware device है| इसके द्वारा हम किसी audio को personally सुन सकते है| किसी video या ऑडियो के best quality ऑडियो personally सुनना है तो Headphone लगाके सुनना है तभी आपको अच्छा quality के ऑडियो सुन सकते है|

 

3.प्रोसेसिंग डिवाइस (Processing Device):

CPU: कंप्यूटर के CPU अर्थात Central Processing Unit एक अति अबस्यक device है, जिसके बिना computer अधुरा है| CPU को computer के main brain (मस्तिस्क) कहते है| हमारे शारीर मे जैसे मस्तिस्क पूरा शारीर को control करता है, ठीक उसी तरह CPU भी computer के input और output में चल रहे सभी प्रक्रियाओ को संचालित करता है| CPU के भी तिन सहायक उपकरण है, जैसे- Memory, Control Unit, ALU (Arithmetic Logical Unit)

 

4.स्टोरेज डिवाइस (Storage Device)

RAM: RAM कंप्यूटर के अस्थाई मेमोरी या स्टोरेज डिवाइस होती है| RAM में data या program अस्थाई रूप से store रहता है| कंप्यूटर बंद हो जाने या बिजली जाने पर रैम में store हुवा data मिट जाती है, इसीलिए रैम को Volatile या अस्थाई मेमोरी कहते है| RAM तिन प्रकार के है – D RAM, S D RAM & S RAM

 

ROM: ROM कंप्यूटर के स्थाई मेमोरी या स्टोरेज डिवाइस होती है, जिसमे कंप्यूटर के निर्माण के समय ही प्रोग्राम को store कर दिए जाते है| इसमें कोई data lost नहीं होती है| इसे Non-Volatile मेमोरी भी कहते है| ROM को चार भागो में भाग किया गया है  PROM, EPROM, EPROM & Flash ROM

 

Magnetic Tap: इसमें प्लास्टिक के रिबन पर चुम्बकीय पदार्थ की परत चडी होती थी| जिस पर data स्टोर करने के लिए हेड का प्रयोग किया जाता था| इस तरह का टेप आजकल use नहीं होती, पहेले होती थी|

 

Floppy Disk: यह डिस्क प्लास्टिक के बहुत पतले गोल डिस्क होती है, जो एक प्लास्टिक के कबर में बंद रहती थी और इसी डिस्क पर चुम्बकीय परत लगी होती थी|

 

HDD (Hard Disk Drive): यह एक अलुमिनिआम के धातु की डिस्क होती है जिस पर पदार्थ का लेप चड़ा रहता है| यह डिस्क एक धुरी पर बहुत तेजी से घुमती है और इसकी गति को RPM यानि Revolutions per Minute या चक्कर/ घूर्णन प्रति मिनट मे मापा जाता है| हार्डडिस्क ड्रिव मे Track और sector मे डाटा स्टोर होता है| एक सेक्टर में 512 bite डाटा स्टोर होता है| data को store या पड़ने के लिए तिन तरह का समय लगते है, जैसे Seek Time, Latency Time और Transfer Rate

 

Optical Disk: इस ऑप्टिकल डिस्क में पाली कार्बोनेट की डिस्क होती है, जिस पर एक रासायनिक पदार्थ का लेप रहता  मेंहै, optical disk में डाटा digitally रूप में सूरक्षित रहता है, डाटा को ऑप्टिकल डिस्क पर read या write करने के लिए कम क्षमता वाले प्रकाश का प्रयोग किया जाता है| ऑप्टिकल डिस्क का उदहारण है- सीडी (CD), डीवीडी  ड्राइव (DVD), ब्लू रे (Blu Ray)

 

USB Flash Drive: यह बर्तमान समय में बहुत ही जनप्रिय और  पोर्टेबल सेकेंडरी memory डिवाइस है, जो USB पोर्ट में द्वारा कंप्यूटर से जोड़ी जाती है, जिसे हम pendrive के नाम से भी जानते है, इसका प्रयोग भिडियो, ऑडियो के अलावा अन्य data को सेब करने के लिए भी किया जाता है|

 

कंप्यूटर के सॉफ्टवेर क्या है ? (What is Computer Software in Hindi?)

computer के software  यह एक अमूर्त है, जिसे हम भौतिक रूप से इसे छु नहीं सकते, बस इसे केवल देख और महसूस कर सकते है | इसिलए software एक निर्देशों का समूह या प्रोग्राम के संग्रह के रूप मे परिभाषित किया जाता है|

Computer Software को मुख्य रूप से दो भागो मे भाग किया गया है –

  • सिस्टम सॉफ्टवेर (System Software)
  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेर (Application Software)

 

सिस्टम सॉफ्टवेर (System Software)

कंप्यूटर system चलने के लिए भी कोई सॉफ्टवेर या system की जरुरत होते है ताकि उसकी सभी हार्डवेयर को connect करके परिचालना कर सके, मतलब हार्डवेयर को कण्ट्रोल कर सके और काम करने लायक बने, उसे system software कहते है | इसे भी चार भागो में बाटा है – जैसे –

  • Operating system
  • Device Driver
  • Utility
  • Language Translator

1.Operating system

यह software device को चलाने या operate करने के लिए उपयोग होते है, ताकि कंप्यूटर सही तरह से common services दे सके, यह यूजर और कंप्यूटर के बिज सम्बन्ध बनाए रखते है ताकि user द्वारा किये गए निर्देश को कंप्यूटर समझ सके, उसके लिए operating system की जरुरत होते है | उदहारण के तोर पर – Windows, Linux, MacOS, IOS, Android (Mobile OS) आदि |

2.Device Driver

ड्राईवर डिवाइस जो कंप्यूटर के हार्डवेयर डिवाइस को connect करने के लिए व्यबहार होते, कोई भी हार्डवेयर कंप्यूटर से connect करना है तो एक कनेक्शन सॉफ्टवेर की जरुरत होते है, जैसे की keyboard को connect करना है तो keyboard डdriver सॉफ्टवेर पहेले से ही रहना है तभी वो काम कर पायेगा | इसके और कुछ उदहारण -Printer Driver, USB Driver, sound card, video adapter driver आदि

3.Utility

यह एक service program है, जो की कंप्यूटर में चल रहे सभी software और हार्डवेयर को सूरक्षित रखना इसका मुखय कम है | यह कंप्यूटर ली tool kit या maintenance के तोर पर भी काम  करते है| उदहारण के तोर पर जैसे – Antivirus, Disk, Defragmenter, Disk Cleanup आदि |

4.Language Translator

यह एक programming language है, यूजर से दिए गए instruction को translate करके machine language में translate करते है ताकि कंप्यूटर को समझ आते है की user क्या बोल रहा है और उसे क्या करना है| इसीलिए language translator का उपयोग बहुत जरुरी है|

 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेर (Application Software)

कंप्यूटर में काम करना है तो कोई software की जरुरत होते, बिना software कोई भी काम नहीं कर सकता क्युकि उसमे काम करने का कोई format होना जरुरी होतें है,इसीलिए अलग-अलग कामो के लिए अलग-अलग software की अवश्यक होते है | जैसे की लेनदेन की हिसाब , salary की हिसाब, email भेजना आदि के लिए एक – एक software की जरुरत होते है|

उदहारण के तोर पर निचे दिए गए application software –

Microsoft Word

Microsoft Excel

Microsoft Outlook

MS Power Point

Microsoft Paint

Photoshop

Page-maker

 

हार्डवेयर और सॉफ्टवेर के बिच क्या अंतर है?

  • हार्डवेयर एक मूर्त या भौतिक भाग होता है, जिसे हम देख सकते और चुने या महसूस कर सकते है
  • सॉफ्टवेर एक अमूर्त भाग है, जिसे हम देख कर सकते है लेकिन उसे हम छु नहीं सकते|
  • हार्डवेयर एकबार नष्ट होने से दोबारा बना नही सकते और सॉफ्टवेर एकबार नष्ट होने पर भी फिर से उसे install करके use कर सकते है|
  • हार्डवेयर बनाने के लिए छोटे बड़े machine या पदार्थ द्वारा बनते है, लेकिन सॉफ्टवेर बनाने के लिए coding भाषा की जरुरत होते है|
  • हार्डवेयर टूटने फूटने से खराबी होते है, लेकिन सॉफ्टवेर कोई virus के कारन ख़राब होते है|
  • हार्डवेयर मशीनी स्तर के काम करते है, लेकिन सॉफ्टवेर हार्डवेयर को निर्देश देता है|
  • लेकिन हार्डवेयर और सॉफ्टवेर दोनो एक दुसरे पर निर्भर करते है|

 

Conclusion:

आशा करता हु हमारी इस लेख, कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर क्या है – हार्डवेयर और सॉफ्टवेर में क्या अंतर है? में आपको पूरी जानकारी मिल गया होगा| उम्मीद है की हमारी इस लेख पसंद आया होगा| अगर आपका मन में कोई सवाल या सुझाव देना चाहते है तो निचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते है

Dhan Lama

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