क्रिया किसे कहते है? क्रिया कि परिभाषा और इसकी भेद |

क्रिया किसे कहते है? क्रिया कि परिभाषा |

हिंदी व्याकरण मे क्रिया की महत्तपूर्ण भूमिका है| क्रिया यानि कार्य,  क्रिया नाम से ही पता चलता है कुछ कार्य होने या करने की बोध होता है | इसे सरल भाषा मे कहे तो, जिन शब्दों द्वारा किसी कार्य या काम को संपन्न करना अथवा वर्त्तमान मे संपन्न हो रहा हो या चल रहा हो आदि का बोध करता है उसे क्रिया कहते है|

 

अर्थात जिन शब्दों द्वारा किसी काम या कार्य करने या होने का सूचित कराता है उसे क्रिया कहते है |

जैसे की – खाना, गाना, जाना, कुदना, दौड़ना, चलना, आना आदि शब्द |

 

क्रिया की कई रूप होते है, प्रत्यय और सहायक क्रियाओ द्वारा बदले जाते है | क्रिया की रूप से पता चलता है उसके विषय संज्ञा या सर्वनाम के लिंग और वचन आदि पता चल जाता है | क्रिया एक विकारी शब्द है, जिससे किसी प्राणी या पदार्थ के विषय मे कुछ विधान किया जाता है अर्थात जिस विकारी शब्द के प्रयोग से हम किसी वस्तु के विषय मे कुछ विधान करते है, उसे क्रिया कहते है |

उदाहरण:

मैंने आम खाया हु|

सीता गाना गा रही है|

रमेश दौड़ रहा है |

 

धातु किसे कहते है?

क्रिया के साधारण रूपों के अंत मे ‘ना’ लगा रहता है, जैसे की – जाना, खाना, गाना, चलना, दौड़ना, खेलना, कूदना आदि | क्रिया के साधारण रूपों के अंत का ‘ना’ निकल देने से जो बाकी बचे, उसे क्रिया की धातु कहते है | जैसे की – आना, जाना, खेलना, कूदना से ‘ना’ हटा दिया तो आ, जा, खेल, कूद धातु रह जाता है |

 

क्रिया कितने प्रकार के होते है?

क्रिया के कितने भेद होते है उदाहरण सहित बताए?

मुख्य रूप से क्रिया के अनेक रूप है लेकिन

रचना के आधार पर क्रिया को तिन प्रकार में भाग किया है

क) अकर्मक क्रिया

ख) सकर्मक क्रिया

ग) द्विकर्मक क्रिया

 

अकर्मक क्रिया किसे कहते है?

जिन वाक्य मे किर्या का फल कर्ता पर ही पड़ता है अथवा कर्म की आभाव होता है, उसे अकर्मक क्रिया कहलाते है है| कर्म नहीं होने के कारन क्रिया की फल करता पर पड़ता है तो उसे अकर्मक क्रिया कहते है | अकर्मक मतलब कर्म नहीं है |

जैसे की – अश्मित दौड़ता है, रानी नाचती है|

अकर्मक क्रिया की उदाहर

राकेश दौड़ता है |

मीरा हसती है |

बिजली चमकती है |

बच्चे रोते है |

 

सकर्मक क्रिया किसे कहते है ?

जिन वाक्य मे क्रिया के साथ कर्म का होना जरुरी होता है और इन क्रिया का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते है | अर्थात वाक्य मे कर्म साथ मे होने के कारन क्रिया की फल करता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, इसीलिए इस सकर्मक क्रिया कहते है |

जैसे की – राकेश गाड़ी चलता है, रानी गाना गाती है|

सकर्मक क्रिया की उदाहरण

राकेश खाना खाता है |

रानी गाना गाती है |

अनु पुस्तक पड़ती है |

अनिषा झाड़ू लगा रही है |

 

द्विकर्मक क्रिया किसे कहते है?

किसी सकर्मक क्रिया की अर्थ स्पष्ट करने के लिए वाक्य मे दो कर्म की प्रयोग होता है उसे द्विकर्मक क्रिया कहते है |

द्विकर्मक क्रिया की उदाहरण –

गुरु ने चेला को पुस्तक दी

मेनेजर ने लेबर को पैसा देता है |

रानी ने रजा को खाना दिया |

 

प्रयोग के आधार पर क्रिया की भेद –

क) अकर्मक क्रिया

ख) सकर्मक क्रिया

ग) अपूर्ण अकर्मक क्रिया

घ) अपूर्ण सकर्मक क्रिया

 

अकर्मक क्रिया किसे कहते है?

जिन वाक्य मे किर्या का फल कर्ता पर ही पड़ता है अथवा कर्म की आभाव होता है, उसे अकर्मक क्रिया कहलाते है है| कर्म नहीं होने के कारन क्रिया की फल करता पर पड़ता है तो उसे अकर्मक क्रिया कहते है | अकर्मक मतलब कर्म नहीं है |

जैसे की – अश्मित दौड़ता है, रानी नाचती है|

 

अपूर्ण अकर्मक क्रिया किसे कहते है?

जिस अकर्मक क्रिया का पूरा आशय स्पस्ट करने के लिए वाक्य मे कर्म के साथ संज्ञा या विशेषण का पूर्ति रूप मे प्रयोग होता है उसे अपूर्ण अकर्मक क्रिया कहते है|

जैसे की – मुख्य मंत्री ने गिरिधर को मंत्री बनाया

उक्त वाक्य मे बनाया अकर्मक क्रिया का गिरिधर कर्म है, पर इतने मे इस कर्म का आशय स्पस्ट नहीं होता और इसकी आशय स्पस्ट करने के लिए मंत्री संज्ञा भी प्रयोग होता है | इस वाक्य मे बनाया अकर्मक क्रिया है, गिरिधर क्रिया है और मंत्री शब्द कर्म पूर्ति है |

उदाहरण-

प्रिंसिपल ने अश्मित ओ कक्षा-प्रतिनिधि चुना |

आकाश को हम अच्छे लड़के समझते है |

 

सकर्मक क्रिया किसे कहते है?

जिन वाक्य मे क्रिया के साथ कर्म का होना जरुरी होता है और इन क्रिया का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते है | अर्थात वाक्य मे कर्म साथ मे होने के कारन क्रिया की फल करता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, इसीलिए इस सकर्मक क्रिया कहते है |

जैसे की – राकेश गाड़ी चलता है, रानी गाना गाती है|

 

अपूर्ण सकर्मक क्रिया किसे कहते है?

जिन क्रिया के पूर्ण अर्थ का बोध कराने के लिए कर्ता के अतिरिक्त अन्य संज्ञा या विशेषण की आवश्यक पड़ती है, उसे अपूर्ण सकर्मक क्रिया कहते है | अपूर्ण सकर्मक क्रिया अर्थ पूर्ण करने के लिए संज्ञा या विशेषण को जोड़ा जाता है तो उसे पूर्ति कहते है |

जैसे की – गौतम कहलाए |

उक्त वाक्य मे अर्थ स्पस्ट नहीं है | अगर अर्थ समझने के लिए पूछा जाए की गौतम क्या कहलाए तो इसका उत्तर होगा गौतम बुद्ध कहलाए | इसमें कहलाए अपूर्ण सकर्मक क्रिया और बुद्ध शब्द पूर्ण है |

 

उदाहरण

भाई फौजी हो गया |

कोयला काला होता है |

चावल सफेत होता है |

 

द्विकर्मक क्रिया किसे कहते है ?

किसी सकर्मक क्रिया की अर्थ स्पष्ट करने के लिए वाक्य मे दो कर्म की प्रयोग होता है उसे द्विकर्मक क्रिया कहते है |

द्विकर्मक क्रिया की उदाहरण –

गुरु ने चेला को पुस्तक दी

मेनेजर ने लेबर को पैसा देता है |

रानी ने रजा को खाना दिया |

 

प्रयोग कि दृष्टी से क्रिया की भेद –

प्रयोग की दृष्टी से क्रिया को दो भेद किया है

क) रुढ़

ख) यौगिक

 

रुढ़  क्रिया किसे कहते है?

जिन क्रिया की रचना धातु से होते है उसे रुढ़ कहते है | जैसे – लिखना, खाना, पीना, बैठना, सोना आदि |

 

यौगिक क्रिया किसे कहते है?

जिश क्रिया की रचना एक से अधिक तत्तो से होती है, उसे यौगिक क्रिया कहते है | जैसे की – लिखवाना, आते जाते रहना, दिलवाना, पड्वाना, खिलाना आदि |

यौगिक क्रिया की चार भेद है –

  • प्रेरणार्थक क्रिया
  • संयुक्त क्रिया
  • नामधातु क्रिया
  • अनुकरणात्मक क्रिया

 

प्रेरणार्थक क्रिया किसे कहते है?

जिन क्रिया की कर्म में कर्ता पर किसी दुसरे की प्रेरणा जाने जाती है उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहलाते है अर्थात कर्ता स्वयं काम न करके दुसरे पर काम कराता है|

जैसे की –

गुरु ने अपने चेला से पाठ पड़वाए |

माँ ने बच्चे से लिखवाए|

 

संयुक्त क्रिया किसे कहते है?

जिन क्रिया किसी दूसरी क्रिया या अन्य शब्द-भेद के योग से बनती है उसे संयुक्त क्रिया कहते है |

उदाहरण : रीता मेरे घर आना-जाना करती है |

आज खाना-पीना नहीं होगा |

 

नामधातु क्रिया किसे कहते है?

किसी संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनेवाले धातु को नामधातु कहते है और नामधातु से बननेवाले क्रिया को नामधातु क्रिया कहते है | अर्थात किसी क्रिया को छोड़कर अन्य शब्द संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनने वाले को नामधातु क्रिया कहते है |

जैसे की -अपनाना, गर्माना, तडपाना आदि |

 

अनुकरणात्मक क्रिया किसे कहते है?

किसी ध्वनि के अनुकरण पर जो क्रिया बनती है उसे अनुकरणात्मक क्रिया कहते है |

जैसे की – छल छल, खट खट, झन झन, थर थर आदि |

 

क्रिया के बारे मे हमने क्या सिखा :

1) क्रिया किसे कहते है ?

उत्तर: जिन शब्दों द्वारा किसी काम या कार्य करने या होने का सूचित कराता है उसे क्रिया कहते है | जसी की – खाना, गाना, जाना, कुदना, दौड़ना, चलना, आना आदि शब्द |

2) धातु किसे कहते है ?

उत्तर :  क्रिया के साधारण रूपों के अंत का ‘ना’ निकल देने से जो बाकी बचे, उसे क्रिया की धातु कहते है | जैसे की – आना, जाना, खेलना, कूदना से ‘ना’ हटा दिया तो आ, जा, खेल, कूद धातु रह जाता है |

 

3) क्रिया की भेद क्या है ?

उत्तर : रचना के आधार पर क्रिया को तिन प्रकार में भाग किया है

क) अकर्मक क्रिया

ख) सकर्मक क्रिया

ग) द्विकर्मक क्रिया

 

4) अकर्मक क्रियाकिसे कहते है ?

जिन वाक्य मे किर्या का फल कर्ता पर ही पड़ता है अथवा कर्म की आभाव होता है, उसे अकर्मक क्रिया कहलाते है है| कर्म नहीं होने के कारन क्रिया की फल करता पर पड़ता है तो उसे अकर्मक क्रिया कहते है |

 

5) सकर्मक क्रियाकिसे कहते है ?

जिन वाक्य मे क्रिया के साथ कर्म का होना जरुरी होता है और इन क्रिया का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते है | अर्थात वाक्य मे कर्म साथ मे होने के कारन क्रिया की फल करता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, इसीलिए इस सकर्मक क्रिया कहते है |

 

6) द्विकर्मक क्रिया किसे कहते है ?

किसी सकर्मक क्रिया की अर्थ स्पष्ट करने के लिए वाक्य मे दो कर्म की प्रयोग होता है उसे द्विकर्मक क्रिया कहते है |

 

7) यौगिक क्रिया किसे कहते है ?

उत्तर : यौगिक क्रिया : जिश क्रिया की रचना एक से अधिक तत्तो से होती है, उसे यौगिक क्रिया कहते है | जैसे की – लिखवाना, आते जाते रहना, दिलवाना,

 

8) यौगिक क्रिया के भेद क्या है ?

उत्तर : यौगिक क्रिया की चार भेद है –

क) प्रेरणार्थक क्रिया

ख) संयुक्त क्रिया

ग) नामधातु क्रिया

घ) अनुकरणात्मक क्रिया

 

9) नामधातु क्रियाकिसे कहते है ?

उत्तर:  किसी संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनेवाले धातु को नामधातु कहते है और नामधातु से बननेवाले क्रिया को नामधातु क्रिया कहते है | अर्थात किसी क्रिया को छोड़कर अन्य शब्द संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनने वाले को नामधातु क्रिया कहते है |

10) संयुक्त क्रियाकिसे कहते है ?

उत्तर:  जिन क्रिया किसी दूसरी क्रिया या अन्य शब्द-भेद के योग से बनती है उसे संयुक्त क्रिया कहते है |

11) सहायक क्रिया किसे कहते है ?

उत्तर : वाक्य मे मुख्य क्रिया की सहायता करने वाले क्रिया को सहायक क्रिया कहते है |

12) मुख्य क्रिया किसे कहते है ?

उत्तर : वाक्य मे मुख्य अर्थ प्रदान करने वाले क्रिया को मुख्य क्रिया कहते है अर्थात कर्ता या कर्म को मुख्य कार्य व्यक्त करने वाले क्रिया को मुख्य क्रिया कहते है और मुख्य क्रिया को सहायता करने वाले क्रिया को सहायक क्रिया कहते है |

13) क्रिया विशेषण किसे कहते है ?

उत्तर : जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता को बोध कराता है उसे क्रिया विशेषण कहते है |

 

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अंतिम अंश

आशा करता हु की हमारी इस लेख क्रिया किसे कहते है और क्रिया की भेद या प्रकार और इसकी परिभाषा के बारे जो प्रस्तुत किया हु, सायद आपको पसंद आया होगा| अगर आपकी मन मे कोई सवाल या सुझाऊ है तो निचे कमेन्ट बॉक्स मे लेख सकते है | धन्यबाद !

Dhan Lama

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