आउटपुट डिवाइस क्या है और इसके प्रकार? (What output device in Hindi)

आउटपुट डिवाइस क्या है और इसके प्रकार?

इस लेख मे हम जानेंगे की, कंप्यूटर के आउटपुट डिवाइस क्या है और इसके प्रकार क्या है| हमें पता है कंप्यूटर अकेला कुछ नहीं कर पाता, इसीलिए कंप्यूटर के कुछ सहायक डिवाइस होते है, जिसके द्वारा कंप्यूटर के input किये गए डाटा, information या निर्देश को process करके परिणाम आउट करने के लिए व्यबहार किया जाता है, उसे आउटपुट डिवाइस कहते है| जैसे – मोनिटर, प्रिंटर, स्पीकर आदि|

अगर आपका जिज्ञाषा भी output device क्या के और इसके प्रकार के बारे है तो आप सही पोस्ट पर है, पूरी जानकारी के लिए आपको पोस्ट के अंत तक जुड़े रहना होगा |

 

आउटपुट डिवाइस क्या है ? (Output device kya hain)

 

जिस उपकरणों के द्वारा कंप्यूटर मे इनपुट किया गया डाटा या इनफार्मेशन को  प्रोसेस होने के बाद हम देख सकते या hardcopy मे प्रिंट ले सकते और ऑडियो को सुन सकते, video को देख सकते उसे हम आउटपुट डिवाइस कहते है| आउटपुट डिवाइस एक hardware parts है, जैसे की ऑडियो सुनने के लिए speaker और video, फाइल, फोल्डर देखने के लिए monitor, डॉक्यूमेंट को प्रिंट करने के लिए printer आदि एक एक आउटपुट या हार्डवेयर machine की जरुरत होते है|

 

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आउटपुट डिवाइस के प्रकार (Types of Output Device)|

अलग -अलग आउटपुट के लिए अलग-अलग डिवाइस की जरुरत होते है| चलिए जानते है निचे दिए गए आउटपुट डिवाइस के बारे मे –

Monitors

Printers 

Plotter 

Project

Speaker

Earphone

1. Monitors (मोनिटर)

मोनिटर कंप्यूटर के मुखय output device है| जिसके बिना हम कंप्यूटर सोच भी नहीं सकते, साधारण भाषा में इसे Visual display unit (VDU) भी कहते है| यह एक Television(TV) की तरह होते और cable के द्वारा CPU के साथ connect रहता है| इसका मुखय काम है CPU के under चल रहे प्रक्रियाओ (processes) को softcopy के रूप मे display में दिखाना| जैसे की किसी files, Folders, Apps, image, video आदि को हम open करके display में देख सकते है, अगर monitor नहीं होता तो CPU के अंदर क्या चल रहा होता और हमें इनपुट किया गया data या इनफार्मेशन को हम देख नहीं सकते और edit या design भी नहीं कर पाते| Monitor के आधार पर ही हम कंप्यूटर में काम कर पाते है मतलब हम जो भी काम हम देखते-देखते कर सकते है और गलत या सही भी जाच करके सही काम को अंजाम दे सकते है|

Monitor भी अलग-अलग प्रकार होते है मुखय रूप से यह तिन प्रकार के है –

CRT (Cathode Ray Tube) monitor,

LCD (Liquid Crystal display)

LED (Light Emitting Diode).

 

CRT(Cathode Ray Tube) monitor: यह CRT मोनिटर बहुत ही पुराना मॉडल है, 1970 के दसक में कंप्यूटर जगत की पहला monitor है और यह आकार में भी बहुत बड़ा होता है इसीलिए या बिजली भी ज्यादा लगते है, एक जगह से दूसरी जगह लाना लेना भी मुस्किल होता है| या monitor आजकल इसे व्यबहार नहीं करते है|

LCD (Liquid Crystal display) Monitor: आज का popular मोनिटर LCD monitor है| सन 1990 के दसक में Technology के बिकाश के साथ LCD(Liquid Crystal Display) का अबिस्कार हुवा है| पहले इसे Laptop के लिए use करते थे, लेकिन आज का दिन मे Desktop computer  और TV के लिए भी LCD का ज्यादा प्रयोग होते है, क्युकि LCD size में पतले है, ओजन में हलके है और यह बिजली भी कम लगते है और इसका कीमत भी कम है, इसीलिए LCD का popularity बढ़ गया है|

LED (Light Emitting Diode) Monitor: आज के latest monitor है LED, इसकी काफी मांग बड़ी है, क्युकि इसकी भी size तो LCD की तरह ही flate panel display या slightly curved display है, लेकिन back- lighting के लिए Light Emitting Diode का उपयोग करते है| CRT और LCD मोनिटर की तुलना मे बहुत कम बिजली उपयोग होते है और चलते बक्त ज्यादा गर्म भी नहीं होते| इसीलिए इसे eco-friendly भी बोलते है| इसका image भी high contrast वाले होते है और इसे dispose करने पर भी ज्यादा प्रदुषण नहीं होते| LED का validity काल भी CRT और LCD की तुलना मे ज्यादा है| लेकिन इसका कीमत दुसरे मोनिटर से थोड़े महंगे होते है|

 

2. Printer (प्रिंटर

Printer भी एक अति अवश्यक output device है| जिसके द्वारा कंप्यूटर के डिजिटल सूचना को कागज पर छापता है, ये कंप्यूटर के softcopy को प्रिंट करके hardcopy में परिबर्तित कर देते है| Printer दो प्रकार के होते है- Impact printer और Non-Impact printer.

Impact Printers: यह प्रिंटर रिबन के द्वारा कागज पर टाइपिंग करके छापते है| इस प्रिंटर प्रिंटिंग के समय sound ज्यादा आते है और समय भी ज्यादा लगते है| इसे bulk में एक साथ ज्यादा प्रिंट करने से कीमत कम लगते है| इसे भी दो भागो मे बाटा है जैसे – Character printer और Line printer

Non-Impact Printers: इसमें प्रिंट के लिए impact printer की तरह रिबन की जरुरत नहीं होते और इसमें एक ही समय में एक page प्रिंट कर सकते है| इसमें graphics प्रिंटिंग भी होते है, इसकी प्रिंटिंग quality बहुत अच्छे होते है और इसका sound भी कम निकलते है, इसीलिए इसका व्यबहार भी ज्यादा होते है|

इसको मुखय दो भागो मे भाग किया है जैसे –

  • Laser Printer
  • Inkjet Printer

 

3.Plotter (प्लॉटर):

Plotter एक output device है इससे बिभिन्न color के चित्र(Drawing), chart या Graphics, Map आदि प्रिंट करने के लिए व्यबहार करते है| इसके द्वारा ही बड़े-बड़े hoarding banner, building design का प्रिंट करते है| Plotter graphics image के लिए multi color के pen, pencil, marker व्यबहार होते है| Plotter में vector graphics को इस्तेमाल करके प्रिंट करते है, इसीलिए plotter का प्रिंट किया image जितना zoom करने पर भी नहीं फटते| सन 1953 में Remington-Rand ने Plotter hardware output device की अविष्कार किया था|

 

4.Projector (प्रोजेक्टर)

Projector  यह  भी एक output device है, यह कंप्यूटर के screen को बड़े आकार में दिखने के लिए व्यबहार करते है| प्रोजेक्टर कंप्यूटर से जुड़े जाते है और इसके लेंस के द्वारा कंप्यूटर screen को बड़े परदे या दिवार में प्रोजेक्ट कर सकते है ताकि इसे ज्यादा लोग एक साथ देख सकते है| ज्यादा तर इसे presentation करने के लिहे व्यबहार  करते है|

5.Speaker (स्पीकर)

Speaker यह भी एक आउटपुट डिवाइस है, इसके द्वारा कंप्यूटर के audio या sound सुन सकते है या sound बहार निकल सकते है| Speaker के द्वारा किसी video या audio का voice को सुन सकते है| इसके लिए कंप्यूटर के motherboard में sound-card लगे रहते है, इसी sound-card से ही स्पीकर में ऑडियो उतपन्न कर सकते है|

Speaker दो प्रकार के होते है internal और External speaker| कम sound में सुनना है तो internal speaker से ही सुन सकते है- जैसे की कंप्यूटर को कोई extra स्पीकर लगाने की जरुरत नहीं होती कंप्यूटर के motherboard में ही sound-card लगे रहते है| अगर आपको sound loudly सुनना है या ज्यादा आदमी के सामने presentation करना है तो external speaker की जरूरत होते है|

 

6.Headphone  (हैडफ़ोन)

Headphone को लोग Earphone भी बोलते है, यह एक output hardware device है| इसके द्वारा हम किसी audio को personally सुन सकते है| किसी video या ऑडियो के best quality ऑडियो personally  सुनना है तो Headphone लगाके सुनना है तभी आपको अच्छा quality के ऑडियो सुन सकते है| इसे  कंप्यूटर से connect करना होगा, connect करने के लिए इसका cable wired या Bluetooth का option होता है| इसे connect करके कान में लगाना है और आपके  मनपसंद विडियो, ऑडियो आसानी से personally सुन सकते है|

 

Conclusion:

आपने इस पोस्ट में आउटपुट डिवाइस क्या है और इसके प्रकार के बारे मे जानकारी मिला है| उम्मीद करता हु हमारी इस लेख के द्वारा output device क्या है के  बारे में सठिक जानकारी आप तक पहुच पाया है और आपको पसंद भी आया होगा| अगर आपके मन कोई प्रश्न आया है या सुझाव देना चाहते है तो निचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते है|

Dhan Lama

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