पद क्या है | पद किसे कहते है और पद के भेद या प्रकार क्या क्या है? 

इस लेख द्वारा हम जानेंगे की हिंदी व्याकरण की पद किसे कहते है या पद विचार क्या है और पद के भेद या प्रकार क्या क्या है? पद हिंदी व्याकरण का एक महत्तपूर्ण भाग है अर्थात शब्द का ही दूसरी अंग है पद| जब कोई शब्द वाक्य मे परिणत होता है तो वह व्याकरण के नियमो में बांध जाता है और उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है| इसी पद को पाच भागो मे भाग किया गया है|

 

पद किसे कहते है (Pad kise kahate hain)? पद की परिभाषा|

पद हिंदी व्याकरण का एक महत्तपूर्ण भाग है अर्थात शब्द का ही दूसरी अंग है पद| एक से अधिक वर्ण या अक्षर के समूह को शब्द कहते है, और उसी एक से अधिक शब्द मिलकर जब वाक्य मे परिणत होता है तो वह शब्द व्याकरण के नियमो में बांध जाता है और तब उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है|

उदाहरण : राम, खाना, गाना, गाया, खाया, यहाँ, वह आदि शब्द है और यही शब्द जब  मिलकर “राम ने खाना खाया है” एक वाक्य मे परिणत होता है, अब इसे शब्द न कहकर पद कहना पड़ता है क्युकी यह वाक्य के नियमो मे बांध गया है|

 

पद कितने प्रकार के होते है ?

हिंदी  व्याकरण मे पद को पाच प्रकार मे भाग किया गया है| जैसे की-

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया
  5. अव्यय

 

1) संज्ञा क्या है ? (What is Noun in Hindi)?

किसी व्यक्ति, जाति, जगह, प्राणी, गुण, द्रव्य, भाव, धर्म आदि नाम वाचक शब्द को संज्ञा कहते है| जैसे की – राम, मुंबई, ब्राह्मण, हाथी आदि|

संज्ञा को  पाच प्रकार मे भाग किया है|

संज्ञा के प्रकार

a) व्यक्तिवाचक संज्ञा

b) जातीवाचक संज्ञा

c) भाववाचक संज्ञा

d) द्रव्यवाचकसंज्ञा

e) समुदायवाचक संज्ञा

 

a) व्यक्तिवाचक संज्ञा: जिस संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, प्राणी, वास्तु अथबा स्थान आदि की नाम का बोध करता है उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है| जैसे की नरेन्द्र मोदी, हिमालय,

 

b) जातिवाचक संज्ञा: जिस शब्द से किसी प्राणी या वास्तु की समस्त जातिका बोध करता है उन शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते है|

जैसे – मछली, हाथी, मनुष्य, फुल आदि|

 

c) भाववाचक संज्ञा: जिस संज्ञा शब्दों से किसी पदार्थ की अवस्था, गुण-दोष, भाव, धर्म आदि की बोध करता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते है|

जैसे की – बचपन, मोटापा, खट्टा-मिट्ठा आदि

 

अग्रेजी व्याकरण के प्रभाव से और दो संज्ञा द्रव्यवाचक और समुदाय वाचक संज्ञा को भी अंतर्भुक्त किया गया है|

d) द्रव्यवाचक संज्ञा : जिस संज्ञा शब्द से किसी धातु, द्रव्य आदि पदार्थ की बोध करता है उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है| जैसे की -तेल, घी, सोना, चांदी, चावल , लोहा आदि

e) समुदाय वाचक संज्ञा : जिस संज्ञा शब्द से किसी व्यक्तियों, वस्तुओ आदि की समूह का बोध करता है उसे समुदाय वाचक संज्ञा कहते है| जैसे की – सभा , सेना , कक्षा आदि |

 

2) सर्वनाम पद क्या है? What is Pronoun in Hindi)

जिन शब्दों का प्रयोग किसी व्यक्ति, वास्तु, स्थान आदि के नाम या संज्ञा  के स्थान पर व्यवहार किया जाता है उसे सर्वनाम कहते है अर्थात किसी नाम के बदले मे तुम, तुम्हारा, आप, आपका, यहाँ, वहा, हम, हमारा आदि उपयोग होते है|

सर्वनाम को छ भागो भाग किया गया है| जैसे की

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम – में, तुम, हम, हमें आदि
  2. निजवाचक सर्वनाम – आप
  3. निश्रयवाचक सर्वनाम – यह, वह
  4. अनिश्रयवाचक  सर्वनाम – कोई, कुछ
  5. संबंधवाचक सर्वनाम – जो, सो
  6. प्रश्नवाचक सर्वनाम – कौन, क्या

 

पुरुषवाचक सर्वनाम: जिन सर्वनाम शब्दों से किसी व्यक्ति का बोध करता है उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है|

जैसे की – में, तुम, आप आदि |

पुरुषवाचक सर्वनाम तिन भागो मे भाग किया गया है

  • उत्तम पुरुषवाचक (First Person)

जिन सर्वनाम का प्रयोग बात कहने वाला  या बोलने वाला अपने लिए  व्यवहार करते है, उन्हें उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है| उदहारण -में, मुझे, मेरा , हमारा, हमको, हम आदि

  • मध्यम पुरुषवाचक  (Second Person)

जिस सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बात सुनने वाले के लिए किया जाते है, उन्हें मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है| उदहारण -तू, तुम तुझे, तेरा, तुम्हे, तुम्हारा, आपने, आपका, आप  आदि |

  • अन्य पुरुषवाचक (Third Person)

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बोलने वाला अन्य किसी व्यक्ति के लिए करता है, उन्हें अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है| उदहारण – वे, उन्हें, उसने, इसने, उन्होंने, इनका, वह, उनका आदि |

 

निजवाचक सर्वनाम: जिस सर्वनाम तीनो पुरुषो (उत्तम, मध्यम और अन्य) मे निजत्व का बोध करता है, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते है| उदहारण –

में खुद पड़ लूँगा|

वह खुद गाड़ी चला सकता है|

उसने अपने आप लिख सकता है|

 

निश्रयवाचक सर्वनाम: जिस सर्वनाम द्वारा किसी निकट या दुरी की निश्चित व्यक्ति या  वास्तु की ओर संकेत या इशारा करते है, उसे निश्रयवाचक सर्वनाम कहते है| उदाहरण – यह लड़का है| वह पुस्तक है

 

अनिश्रयवाचक  सर्वनाम : जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी अनिच्छित व्यक्ति या पदार्थ के लिए प्रयोग होता है, उसे अनिश्रयवाचक  सर्वनाम कहते है| उदाहरण – घर के अन्दर कोई है? दाल मे कुछ काला है|

 

संबंधवाचक सर्वनाम: जिन सर्वनाम शब्द के द्वारा किसी दूसरी सर्वनाम के साथ संबंद्ध का बोध करता है उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते है| उदाहरण- जैसी करनी वैसी भरनी, जिसका लाठी उसकी भैस |

 

प्रश्नवाचक सर्वनाम: जिन सर्वनाम शब्दों को किसी प्रश्न या सवाल पूछने को प्रयोग किया जाता है उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते है|

उदाहरण -तुम्हारा नाम क्या है? अन्दर मे कौन है ?

 

3) विशेषण पद क्या है? (What is Adjective in Hindi)

जिन शब्दों द्वारा किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता यानि गुण, दोष, संख्या, परिणाम आदि को बोध कराता है उसे विशेषण कहते है |

उदाहरण – अच्छा, बुरा, कला, गोरा, उचा, लम्बा, एक , दो आदि|

जैसे – राम अच्छा लड़का है|

राम ने तिन आम खाया है|

 विशेषण को पाच भागो मे भाग किया गया है|

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. परिणामवाचक विशेषण
  3. संख्यावाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण
  5. व्यक्तिवाचक विशेषण

 

गुणवाचक विशेषण :जिस विशेषण शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम का गुण, रूप, रंग  का बोध कराता है उसे गुणवाचक विशेषण कहते है | उदाहरण – आशा अच्छी लड़की है | यहाँ अच्छी गुण को बोध किया है|

 

परिणामवाचक विशेषण : जिन विशेषण शब्दों से किसी संज्ञा या सर्वनाम का परिणाम का बोध करता है उसे परिणामवाचक विशेषण कहते है| जैसे की – थोडा नमक देना| दूध बहुत कम दिया|

 

संख्यावाचक विशेषण : जिन विशेषण शब्दों से किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध करता है उसे संख्यावाचक विशेषण कहते है | जैसे की – एक ग्लास पानी देना,

वहा तिन लड़के खड़े है |

 

सार्वनामिक विशेषण : जिन सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा शब्दों से पहले लगकर उस सं विशेषण की तरह विशेषता बोध करता है उसे सार्वनामिक विशेषण कहते है|

उदहारण – मेरा पुस्तक किधर है|

वह लड़की कहा जा रही है|

 

व्यक्तिवाचक विशेषण : जिस विशेषण शब्दों की रचना किसी व्यक्तिवाचक संज्ञा से होती है तो उसे व्यक्तिवाचक विशेषण कहलाते है| जैसे की – वह पंजाबी लड़का है|

मुझे भारतीय खाना पसंद है |

 

4) क्रिया पद किसे कहते है?(What is Verb in Hindi)

जिन शब्दों द्वारा किसी कार्य को करना अथवा होना बोध कराता है उसे क्रिया कहते है|

उदहारण- मैंने आम खाया हु|

सीता गाना गा रही है|

क्रिया के भेद या प्रकार क्या क्या है

क्रिया के दो भेद या प्रकार है|

अकर्मक क्रिया

सकर्मक क्रिया

अकर्मक क्रिया :जिन वाक्य मे किर्या का फल कर्ता पर ही पड़ता है अथवा कर्म की आभाव होता है, उसे अकर्मक क्रिया कहलाते है है| जैसे की – अश्मित दौड़ता है, रानी नाचती है|

 

सकर्मक क्रिया : जिन वाक्य मे क्रिया के साथ कर्म का होना जरुरी होता है और इन क्रिया का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते है |

जैसे की – राकेश गाड़ी चलता है, रानी गाना गाती है|

 

5) अव्यय पद क्या है ( अव्यय किसे कहते है)?

जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, पुरुष, काल आदि के कारण कोई विकार उत्पन्न या परिवर्तन नहीं होता, उसे अव्यय या अविकार कहते है | अव्यय शब्द का मूल रूप मे कोई रूपांतर नहीं होता, इसीलिए अव्यय का अर्थ है “जो व्यय ना हो” |

उदाहरण – इधर, उधर, अब, जब, कव, क्यों, किन्तु, परन्तु, धीरे-धीरे, आना, जाना  आदि शव्द |

अव्यय  के पाच प्रकार या भेद  है |

a) क्रिया विशेषण

b) संबंधबोधक

c)  समुच्चयबोधक

d) विस्मयादिबोधक

e) निपात अव्यय

a) क्रिया विशेषण: जिन अव्यय शब्द से क्रिया की विशेषता का पता चलता है उसे क्रिया विशेषण कहते है |

जैसे की – बंध, धीरे-धीरे, तेज, जल्दी, सुन्दर, कला आदि

क्रिया विशेषण की चार भेद है |

  • कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  • स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  • परिमाणवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  • रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय

कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय :  जिन अव्यय शब्दों से क्रिया की काल या समय का  बोध कराता है उसे कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है |

जैसे की – आज, काल, रात, दिन, सुवह, रातभर, दिनभर आदि शब्द |

स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : जिन अव्यय शब्दों से क्रिया की स्थान का  बोध कराता है उसे स्वाथावाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है |

जैसे की – यहाँ,वहा, इधर, उधर, भीतर, बाहर, अन्दर आदि शब्द |

परिमाणवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : जिन अव्यय शब्दों से क्रिया या कार्य की परिमाण का  बोध कराता है उसे स्वाथावाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते है| जैसे की- कम, ज्यादा, थोडा, अधिक आदि

रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : जिन शब्दों से क्रिया की रीति या ढंग का बोध कराता है, उसे रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय कहते है| जैसे की – तेज, मधुर, धीरे, ध्यानपूर्वक, शांतिपूर्वक |

 

b) संबंधबोधक अव्यय: जिन अव्यय शव्दों से किसी संज्ञा या सर्वनाम के साथ  आकर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्द के साथ बताते है उसे संबंधबोधक अव्यय है | जैसे की – ऊपर, निचे, बाहर, पीछे, आगे, बिना, पास |

उदहारण –  पैसे के बिना जीवन कुछ नहीं|

SBI बैंक के पास मेरा घर है|

ऊपर के वाक्य मे बिना और पास इन शब्दों ने वाक्य की अन्य शब्द से सम्बन्ध बयाना है , उसे संबंधबोधक अव्यय कहते है |

 

c) समुच्चयबोधक अव्यय: जिन अव्यय  शब्दों द्वारा दो शब्दों या वाकया को जोड़ता है उसे समुच्चयबोधक अव्यय कहते है |

जैसे की – और, तथा, अथवा, अर्थात, या, परन्तु, किन्तु |

मे पड़ रहा था ‘और सीता लिख रही थी|

सभी खेलने चले गए लेकिन मे नहीं गया|

ऊपर के वाक्य मे और, लेकिन शब्दों ने दो वाक्यों को जोड़ने का काम किया, इसीलिए उन शब्दों को समुच्चयबोधक अव्यय कहते है |

 

समुच्चयबोधक अव्यय को दो भागो मे भाग किया है – समानाधिकरण और व्याधिकरण

समानाधिकरण : जिन शब्दों द्वारा समान अधिकार के अंशो का जोड़ने का बोध कराता है तो उसे समानाधिकार समुच्चयबोधक अव्यय कहते है| जैसे की – और, या, अथवा, तथा, परन्तु, इसीलिए आदि शब्द |

उदाहरण – जदू और मधु दोनों स्कूल जाते है|

 

व्याधिकरण: जिन अव्यय शब्दों द्वारा वाक्य की एक मुख्य वाक्य के साथ अन्य उपवाक्य जोड़ते है उन अव्यय शब्द को व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते है| जैसे की – परन्तु, लेकिन, ताकि, इसीलिए, यदि, तथापि, की, क्युकी आदि शब्द |

उदाहरण – मे स्कूल नहीं गया क्युकी जोर से बारिश आ रहा था|

 

d) विस्मयादिबोधकअव्यय: जिन अव्यय शब्दों से हर्ष, विषाद, घृणा, क्रोध, आशीर्वाद , अश्रर्य, उल्लाष आदि भावों को प्रकट करता है उसे विस्मयादिबोधक अव्यय कहते है|

जैसे की – हाय भगवान ! वाह, हाय-हाय, शाबाश, खूब, हा-हा, अहा! आदि शब्द |

उदाहरण – वाह तूने तो कमाल कर दिया|

                 हाय भगवान मेरा अभी क्या होगा |

 

e) निपात अव्यय: जिन अव्यय शब्दों द्वारा किसी शब्द या पद के पीछे लगकर वाक्य मे उसके अर्थ मे विशेष बल लाते है उसे निपात अव्यय कहते है | जैसे की – की, ही, भी, तक, केवल, भर, जी |

उदाहरण – आपके साथ मे भी जाऊंगा |

मे सिर्फ तुम्हे ही जनता हु|

 

शब्द और पद मे क्या अंतर है उदहारण सहित बताइए? 

उत्तर : एक से अधिक वर्ण या अक्षर के समूह को शब्द कहते है, जैसे की – आप, रमेश, राजा, आना, जाना, खाना आदि और जब एक से अधिक शब्द  मिलकर वाक्य मे परिणत होता है तो उस शब्द, व्याकरण के नियमो में बांध जाता है और तब उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है|

उदाहरण : राम ने खाना खाया है | इस वाक्य मे राम, खाना, खाया है  ये सभी एक-एक शब्द मिलकर वाक्य में परिणत हुवा है और अब उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है | जैसे की राम संज्ञा पद, खाना अव्यय पद और खाया है क्रिया पद |

 

पद के बारे मे हमने क्या क्या सिखा (Q&A)

2) पद किसे कहते है? 

उत्तर: पद हिंदी व्याकरण का एक महत्तपूर्ण भाग है अर्थात शब्द का ही दूसरी अंग है पद| जब शब्द वाक्य मे परिणत होता है तो वह व्याकरण के नियमो में बांध जाता है और उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है|

 

2) पद कितने प्रकार के होते है या पद के कितने भेद होते है?

उत्तर: पद पाच प्रकार के होते है |

 

3) पद के भेद या प्रकार क्या क्या है?

उत्तर: पद के प्रकार –

a) संज्ञा

b) सर्वनाम

c) विशेषण

d) क्रिया

e) अव्यय

 

4) संज्ञा कितने प्रकार के होते है?

उत्तर: संज्ञा के पाच प्रकार के होते है –

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा
  2. जातीवाचक संज्ञा
  3. भाववाचक संज्ञा
  4. द्रव्यवाचकसंज्ञा
  5. समुदायवाचक संज्ञा

 

5) सर्वनाम के भेद कितने है?

उत्तर: सर्वनाम के छ भेद –

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. निजवाचक सर्वनाम
  3. निश्रयवाचक सर्वनाम
  4. अनिश्रयवाचक  सर्वनाम
  5. संबंधवाचक सर्वनाम
  6. प्रश्नवाचक सर्वनाम

 

6) विशेषण के भेद क्या क्या है?

उत्तर: विशेषण के पाच भेद –

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. परिणामवाचक विशेषण
  3. संख्यावाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण
  5. व्यक्तिवाचक विशेषण

 

7) क्रिया की भेद क्या क्या है ?

उत्तर: अकर्मक क्रिया  और सकर्मक क्रिया

 

8) अव्यय पद क्या है (अव्यय पद किसे कहते है)?

उत्तर: जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, पुरुष, काल आदि के कारण कोई विकार उत्पन्न या परिवर्तन नहीं होता, उसे अव्यय या अविकार कहते है|

 

9) अव्यय पद के कितने भेद या प्रकार है?

उत्तर: अव्यय के पाच भेद या प्रकार है|

 

10) अव्यय पद के भेद या प्रकार क्या क्या है?

उत्तर: अव्यय के भेद या प्रकार –

  1. क्रिया विशेषण
  2. संबंधबोधक
  3. समुच्चयबोधक
  4. विस्मयादिबोधक
  5. निपात अव्यय

 

11) क्रिय विशेषण की भेद या प्रकार क्या क्या है

उत्तर: क्रिय विशेषण की भेद या प्रकार –

  1. कालवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  3. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  4. रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय
  5. समुच्चयबोधक अव्ययके भेद या प्रकार क्या क्या है?

उत्तर: समानाधिकरण और व्याधिकरण

 

12) शब्द किसे कहते है ?

उत्तर : एक से अधिक वर्ण या अक्षर के समूह को शब्द कहते है, जैसे की – आप, रमेश, राजा आदि |

 

13) शब्द और पद मे क्या अंतर है, उदाहरण सहित बताइए? 

उत्तर : एक से अधिक वर्ण या अक्षर के समूह को शब्द कहते है, जैसे की – आप, रमेश, राजा, आना, जाना, खाना आदि और जब एक से अधिक शब्द  मिलकर वाक्य मे परिणत होता है तो उस शब्द, व्याकरण के नियमो में बांध जाता है और तब उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है|

उदाहरण : राम ने खाना खाया है | इस वाक्य मे राम, खाना, खाया है  ये सभी एक-एक शब्द मिलकर वाक्य में परिणत हुवा है और अब उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है | जैसे की राम संज्ञा पद, खाना अव्यय पद और खाया है क्रिया पद |

 

14) क्रिया पद किसे कहते है?

उत्तर : जिन शब्दों द्वारा किसी कार्य को करना अथवा होना बोध कराता है उसे क्रिया कहते है|

उदहारण- मैंने आम खाया हु| सीता गाना गा रही है|

 

अंतिम अंश

उमीद करता हु हमारी इस लेख में पद क्या है (पद किसे कहते है) और पद के भेद या प्रकार क्या क्या है? की बारे मे जो जानकारी उपलब्ध किया हु, सायद आपको पसंद आया होगा| अगर आपके मन मे कोई सवाल या सुझाऊ है तो आप निचे कमेंट बॉक्स मे लिख सकते है|

Dhan Lama

मे धन लामा आप सभी को Hindiwebjagat.com पर स्वागत करता हु| इस वेबसईट मे Web Technology, Blogging, Educational, GK Trends News आदि के सठिक और सरल लेख उपलब्ध करता.

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